HEALTH CARE PRODUCTS

हर्बल हैंड सैनिटाइज़र
हर्बल हैंड सैनिटाइज़र हाथों पर मौजूद सूक्ष्म रोगाणुओं से फैलने वाले रोगों की रोकथाम में उपयोगी है। यह किसी भी प्रकार के कैमिकल जैसे पैराबेन, फॉस्फेट, पेट्रोकेमिकल्स और एन्ज़ाइम से रहित है जिससे इसका इस्तेमाल सुरक्षित है। यह जल्दी सूखता है जिससे यह आसानी से कहीं भी और कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसमें मुख्य रूप से 70 % आइसो प्रोपाइल एल्कोहॉल का इस्तेमाल किया जाता है। जो सूक्ष्म जीवों की कोशिकाओं के बाहरी सतह को गला देता है और कोशिका के भीतरी सतह के पेप्टाइड बॉन्ड को तोड़ (ब्रेक) देता है, जिससे इनका फैलाव रुक जाता है।
हर्बल हैंड सैनिटाइज़र के फायदे
यह सैनिटाइज़र सिर्फ आपको कोरोना वायरस से ही नहीं बल्कि उसके अलावा और वायरस व बैक्टीरिया से फैलने वाली बिमारियों से बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इसमें उपस्थित एलोवेरा हाथों को मुलायम रखने में लाभदायक है।
इसमें खुशबू के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला परफ्यूम आपके हाथों पे धीमी सी महक बरकरार रखता है।
प्रयोगः हैंड सैनिटाइज़र को अच्छे से हथेलियों, उंग्लियों, नाखूनों के अंदर व बाहर लगभग 20 सेकंड तक हांथो पे मलने से यह पूर्ण रूप से रोगाणुओं को ख़त्म कर सकता है।
अगर आप घर से बाहर निकलें तो हाथ व मुंह को छूने से पहले इस सैनिटाइज़र का अच्छे से इस्तेमाल ज़रूरी है।
500ml • MRP. ₹ 250.00
आयुष क्वाथ इम्यूनिटी बूस्टर पाउडर
कोरोना वायरस (CoronaVirus) को लेकर सुर्खियों में चल रहे आयुष क्वाथ का इंतजार अब खत्म हो गया है. इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आयुष क्वाथ को आयुष मंत्रालय के साथ ही आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने कारगर उपाय बताया है.
आयुष विशेषज्ञों के अनुसार आयुर्वेद ग्रंथ से लिया आयुष क्वाथ इम्युनिटी को बढ़ाता है जिससे किसी भी तरह के संक्रमण से बचाव हो सकता है. अगर कोई व्यक्ति संक्रमित होता भी है तो वायरस से लड़ते हुए इम्युनिटी शक्तिशाली हो जाती है और वायरस को निष्क्रिय बनाने लगती है.
प्रयोगः चाय बनाते वक्त आयुष क्वाथ क्षमता अनुसार डालें. थोड़ी देर गर्म करने के साथ चीनी स्वादानुसार डालने के बाद इसे उबाल लें. इसके बाद छलनी की मदद से चाय छानने के बाद इसका सेवन कर सकते हैं. दिन में दो से तीन बार इसे ले सकते हैं. गुनगुने पानी के साथ भी आयुष क्वाथ को ले सकते हैं. चीनी के अलावा शहद या गुड़ के साथ ही इसका सेवन किया जा सकता है.
90gm • MRP. ₹ 149.00


त्रिफला चूर्ण
यह औषधि पेट दर्द होना, पेट का भारी होना, आफारा होना और भोजन में अरूचि होना, पेट के कीड़े, भूख का कम लगना, उल्टी और अपच, पेट की गैस का रामबाण इलाज है। इसके नियमित सेवन से पेट फूलने, गैस और पाचन में आराम मिलता है।
प्रयोगः पाउडरः 1 से 2 चम्मच, सुबह और शाम रोजाना पानी के साथ लें या अपने डांक्टर से सलाह लें।
200gm • MRP. ₹ 180.00
श्वेत मूसली चूर्ण
सफेद मूसली को मानव हजारों वर्षों से जानता है। यह एक वाजीकरण औषधि है। यह पुरूषों के यौन विकारों जैसे नामर्दी, शीघ्रपतन, लिंग में उत्तेजना की कमी तथा शुक्राणुओं की संख्या व गतिशीलता बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी है। यह शरीर को उर्जावान बनाकर शारीरिक क्षमता को बढ़ाती है।
प्रयोगः पाउडरः 1 से 2 चम्मच, सुबह और शाम रोजाना पानी के साथ लें या अपने डांक्टर से सलाह लें।
200gm • MRP. ₹ 1350.00
मल्टीफ्लोरा हनी
शहद धरती पर पाया जाने वाला सबसे पुरानी मीठी चीज है। शहद स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। शहद में विटामिन ए, बी, सी, आयरन, कैल्शियम, सोडीयम फास्फोरस, आयोडीन पाए जाते हैं। रोजाना शहद का सेवन शरीर में शक्ति, स्फर्ति, और ताजगी पैदाकर रोगों से लड़ने की शक्ति भी बढ़ाता है।
कफ, अस्थमा एवं खांसी में आराम मिलता है। उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में शहद कारगर है। पीलिया में लाभ मिलता है। रोजाना शहद के सेवन से किडनी और आंत ठीक रहते आती है।
प्रयोगः 1 से 2 चम्मच, सुबह और शाम रोजाना पानी के साथ लें या अपने डांक्टर से सलाह लें।
500gm • MRP. ₹ 265.00 • 1 Kg • MRP. ₹ 525.00


पंच तुलसी अर्क
तुलसी मुख्य रूप से पांच प्रकार के पायी जाती है ! श्याम, राम, श्वेत, वन, और नींबू तुलसी ! ’इन पांच प्रकार की तुलसी विधि द्वारा अर्क निकाल कर तुलसी का निर्माण किया गया है,
’यह संसार की एक बेहतरीन एंटी- ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी- फ्लू, एंटी-बायोटिक, एंटी-इफ्लेमेन्ट्री व एंटी-डिजीज है.
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तुलसी की एक बून्द एक ग्लास पानी में या दो बून्द एक लीटर पानी में डाल कर उस जल को पीना चाहिए। इसमें पेयजल विषाणु और रोगाणुओ से मुक्त होकर स्वास्तवर्धक पेय हो जाता है.
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तुलसी 200 से अधिक रोगो में लाभदायक है. जैसे के फ्लू, स्वाइन फ्लू, डेंगू, जुखाम, खासी, प्लेग, मलेरिया, जोड़ो का दर्द, मोटापा, ब्लड प्रेशर, शुगर, एलर्जी, पेट के कीड़ो, हेपेटाइटिस, जलन, मूत्र सम्बन्धी रोग, गठिया, दम, मरोड़, बवासीर, अतिसार, आँख का दर्द, दाद खाज खुजली, सर दर्द, पायरिया नकसीर, फेफड़ो सूजन, अल्सर, वीर्य की कमी, हार्ट ब्लोकेज आदि.
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तुलसी एक बेहतरीन विष नाशक तथा शरीर के विष को बहार निकलती है.
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तुलसी स्मरण शक्ति को बढ़ाता है.!
5. तुलसी शरीर के लाल रक्त सेल्स (Hemoglobin) को बढ़ने में अत्यंत सहायक है.
6. तुलसी भोजन के बाद एक बूँद सेवन करने से पेट सम्बन्धी बीमारिया ठीक होती हैं।
7. तुलसी के 4-5 बुँदे पीने से महिलाओ को गर्भावस्था में बार बार होने वाली उलटी के शिकायत ठीक हो जाती है.
8. आग के जलने व किसी जहरीले कीड़े के कांटने से तुलसी को लगाने से विशेष रहत मिलती है ।
9. दमा व खासी में तुलसी के दो बुँदे थोड़े से अदरक के रस तथा शहद के साथ मिलकर सुबह-दोपहर-शाम सेवन करे.
10. यदि मुँह में से किसी प्रकार की दुर्गन्ध आती हो तो तुलसी के एक बुँदे मुँह में दाल ले दुर्गन्ध तुरंत दूर हो जाएगी.
11. दांत का दर्द, दांत में कीड़ा लगना, मसूड़ों में खून आना तुलसी के 4-5 बुँदे पानी में डालकर कुल्ला करना चाहिए.
12. कान का दर्द, कण का बहना, श्री तुलसी हल्का गरम करके एक-एक बूंद कान में टपकाए। नाक में पिनूस रोग हॉट जाता है, इसके अतिरिक्त फोड़े- फुंसिया भी निकल आती है, दोनों रोगो में बहोत तकलीफ होती है! तुलसी को हल्का सा गरम करके एक-एक बूंद नाक में टपकाए.
13. गले में दर्द, गले व मुँह में छाले, आवाज बैठ जाना तुलसी के 4-5 बुँदे गरम पानी में डालकर कुल्ला करना चाहिए!
14. सर दर्द, बाल क्हाड्णा, बाल सफेद होना व सिकरी तुलसी की 8-10 मि.ली। हेयर आयल के साथ मिलाकर सर, माथे तथा कनपटियो पर लगाये .
15. तुलसी के 8-10 बुँदे मिलकर शरीर में मलकर रात्रि में सोये , मछर नहीं काटेंगे.
16. कूलर के पानी में तुलसी के 8-10 बुँदे डालने से सारा घर विषाणु और रोगाणु से मुक्त हो जाता है, तथा मक्खी-मच्छर भी घर से भाग जाते है .
17. जुएं व लिखे तुलसी और नीमू का रास सामान मात्रा में मिलाकर सर के बालो में अच्छे तरह से लगाये! 3-4 घंटे तक लगा रहने दे। और फिर धोये अथवा रात्रि को लगाकर सुबह सर धोए। जुएं व लिखे मर जाएगी.
18. त्वचा की समस्या में निम्बू रास के साथ तुलसी के 3-4 बुँदे डालकर प्रयोग करे.
19. तुलसी में सुन्दर और निरोग बनाने की शक्ति है। यह त्वचा का कायाकल्प कर देती है. यह शरीर के खून को साफ करके शरीर को चमकीला बनती है .
20. तुलसी की दो बुँदे किसी भी अच्छी क्रीम में मिलाकर चेहरे पर सुबह व रात को सोते समय लगाने पर त्वचा सुन्दर व कोमल हो जाती है तथा चेहरे से प्रत्येक प्रकार के काले धन्ने, छयीअन, कील मुँहासे व झुरिया नष्ट हो जाती है.
21. सफेद दाग य 10 मि.लि. तेल व नारियल के तेल में 20 बुँदे तुलसी डालकर सुबह व रात सोने से पहले अच्छी तरह से मले.
22. तुलसी के नियमित उपयोग से कोलेस्ट्रोल का स्तर कम होने लगता है, रक्त के थक्के जमने कम हो जाते है, व हार्ट अटैक और कोलेस्ट्रोल रोकथाम हो जाती है.
23. तुलसी को किसी भी अच्छी क्रीम में मिलाकर लगाने से प्रसव के बाद पेट पर बनने वाले लाइने (स्ट्रेच मार्क्स) दूर हो जाते है।
प्रयोगः सुबह और शाम रोजाना पानी के साथ लें या अपने डांक्टर से सलाह लें।
मोरिन्गा पाउडर
मोरिन्गा यानी सहजन को एंटी-एजिंग तथा एक सम्पूर्ण भोजन और पोष्टिक तत्वों का भण्डार माना जाता हैं।इसमें पालक से 25 गुणा अधिक आयरन पाया जाता है।
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इसमें दूध से 17 गुणा अधिक कैल्शियम पाया जाता है।
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इसमें गाजर से 10 गुणा अधिक विटामिन पाया जाता है।
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इसमें अण्डे से 4 गुणा अधिक विटामिन पाया जाता है।
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इसमें केले से 15 गुणा अधिक पोटेशियम पाया जाता है।
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इसमें संतरे से 7 गुणा अधिक विटामिन सी पाया जाता है।
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300 से अधिक बीमारियों के निदान में सहायक
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उच्च रक्तचाप पर नियन्त्रण।
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मोटापा और शरीर की बढ़ी चर्बी दूर करे।
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त्वचा को जवां बनाये।
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यौन शक्ति व शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाना।
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डायबटीज नियन्त्रण।
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मुहांसों को रोकना।
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पाचन शक्ति बढ़ाना।
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हैजा, पेचिस, पीलिया।
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महावारी तथा गर्भाशय की समस्या का निदान।
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गर्भवती महिलाओं के लिए।
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महिलाओं के श्वेत प्रदर की समस्या में राम बाण का कार्य करती है।
उच्च रक्तचाप नियन्त्रण
उच्च रक्तचाप के मरीजों को मोरिंगा का पाउडर सेवन करने से लाभ मिलता है। रक्तचाप नियंत्रित रहता है। साथ ही इसके पाउडर से घबराहट, चक्कर आना उल्टी में भी राहत मिलती है।

200gm • MRP. ₹ 850.00
नशा निवारण में सहायक
धुम्रपान, मदिरापान व अन्य नशो को छुडाने में सहायक मोंरिगा पाउडर से शरीर को प्रचुर मात्रा में पोशक तत्व मिलते है जिससे सभी प्रकार के नशो की लत छुट जाती है।
इसका उपयोग हर आयु वर्ग के व्यक्ति कर सकते है।
गर्भवती महिलाओं के लियें
मोरिंगा पाउडर गर्भवती महिलाओं को देने की सलाह दी जाती है इससे विटामिन प्रोटिन, आयरन प्रचुर मात्रा होता है डिलेवरी में होने वाली समस्या से राहत मिलती है और डिलेवरी के बाद भी मां को तकलीफ कम होती है।